Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को चेक बाउंस केस की सुनवाई के दौरान बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. कोर्ट में अपनी बात रखते हुए राजपाल यादव ने न सिर्फ पिछले कई वर्षों के आर्थिक और पेशेवर नुकसान का जिक्र किया, बल्कि अपनी जिंदगी में आए उतार-चढ़ाव को एक फिल्म की कहानी से जोड़ दिया. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत के सामने राजपाल यादव ने कहा कि पिछले 13 साल में उन्हें करीब 250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
राजपाल यादव ने कोर्ट में अपनी बात की शुरुआत चीफ जस्टिस को प्रणाम करके की. उन्होंने कहा, “सर, प्रणाम करता हूं. ढाई सौ फिल्में की हैं.” इसके बाद अभिनेता ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस फिल्म में उनके 17 करोड़ रुपये डूब गए. राजपाल के मुताबिक, इस फिल्म की रिलीज से जुड़ी परिस्थितियों ने उनकी आर्थिक स्थिति और करियर दोनों पर गहरा असर डाला.
देखिए सुप्रीम कोर्ट में हुई कार्यवाही का वीडियो…
‘मेरी फिल्म 1200 थिएटर में रिलीज होनी थी’
राजपाल यादव ने कोर्ट को बताया कि ‘अता पता लापता’ को करीब 1200 थिएटर में रिलीज करने की तैयारी थी, लेकिन फिल्म एक भी थिएटर में रिलीज नहीं हो सकी. उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की गई और इस पूरे विवाद का उनकी फिल्म और उनकी छवि पर बड़ा असर पड़ा.
अभिनेता ने कहा कि मामला शुरुआत में 5 करोड़ रुपये का था, लेकिन इस विवाद के चलते उनके 17 करोड़ रुपये भी फंस गए. उन्होंने कहा कि 2013 से यह रकम मिट्टी में मिल गई और उन्हें इससे कमाई का कोई फायदा नहीं मिल सका.
राजपाल यादव ने अपने सामने खड़ी कानूनी मुश्किलों को बेहद अलग अंदाज में बयां किया. उन्होंने कहा, “ये Merchant of Venice वाला केस है, हुजूर.” अभिनेता ने कहा कि जब भी और जहां भी अदालत उन्हें बुलाएगी, वह आने के लिए तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह 2012 में ही 5 करोड़ रुपये लौटाने के लिए तैयार थे.
‘2012 में दोस्त थे, फिर बोले कोर्ट में रगड़ दूंगा’
राजपाल यादव ने विवाद से जुड़े व्यक्ति के साथ अपने पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 2012 में वह उनके दोस्त थे और उस वक्त उनसे कहा गया था कि 5 करोड़ रुपये कोई बड़ी रकम नहीं है. लेकिन बाद में हालात बदल गए और उन्हें कोर्ट में घसीटने की बात कही गई.
अभिनेता ने कहा कि पिछले करीब 16 वर्षों में इस विवाद ने उनकी ब्रांडिंग और प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाया. उनका कहना था कि उन्होंने इतने वर्षों तक लोगों का मनोरंजन किया, लेकिन इस मामले के चलते उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अपनी छवि को लेकर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
CJI ने कहा- अच्छी फिल्म बनाइए, इमेज बन जाएगी
सुनवाई के दौरान माहौल उस वक्त कुछ हल्का हो गया, जब CJI सूर्यकांत ने राजपाल यादव से पूछा कि उनकी कोई नई फिल्म आ रही है या नहीं. चीफ जस्टिस ने उन्हें सलाह दी कि एक अच्छी फिल्म बनाकर लोगों को दोबारा एंटरटेन करें, इससे उनकी इमेज फिर से बन जाएगी.
CJI ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि कोर्ट में कुछ ऐसे वकील भी हैं जो अच्छे अभिनेता हैं, उन्हें लेकर फिल्म बनाई जा सकती है. इस पर राजपाल यादव ने तुरंत अपनी फिल्म का नाम बता दिया.
‘सोलह सावन झेल के’… राजपाल ने बताया फिल्म का नाम
राजपाल यादव ने कहा कि 2010 से 2026 के बीच उनके साथ जो कुछ हुआ, उसके आधार पर उन्होंने फिल्म का नाम भी सोच रखा है- ‘सोलह सावन झेल के’. उनके इस जवाब ने कोर्ट में चल रही गंभीर कानूनी कार्यवाही के बीच एक भावुक और दिलचस्प पल पैदा कर दिया.
राजपाल यादव का यह बयान उनके लंबे चले आ रहे कानूनी और आर्थिक विवाद की कहानी को एक अलग नजरिए से सामने लाता है. जहां एक तरफ अभिनेता बकाया रकम चुकाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वह इस पूरे दौर को अपने जीवन की एक लंबी परीक्षा के तौर पर देख रहे हैं.
पैतृक संपत्ति बेचकर बकाया चुकाने का प्रस्ताव
इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राजपाल यादव के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने बकाया रकम चुकाने के लिए अपनी पैतृक संपत्ति बेचने की बात कही थी. CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने भुगतान की व्यवस्था पर भी गौर किया.
राजपाल यादव की ओर से 1.15 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट पेश किए गए. बाकी 85 लाख रुपये एक संभावित खरीदार की ओर से 12 अक्टूबर तक दिए जाने हैं. सुप्रीम कोर्ट अब बची हुई रकम के भुगतान का शेड्यूल तय करेगा.
इस तरह चेक बाउंस केस की सुनवाई में राजपाल यादव की कानूनी दलीलों के साथ उनकी जिंदगी के संघर्ष की कहानी भी सामने आई. कोर्ट में उन्होंने जिस अंदाज में अपने नुकसान, फिल्म, करियर और बदली हुई छवि का जिक्र किया, उसने इस सुनवाई को सामान्य कानूनी कार्यवाही से अलग एक यादगार बातचीत में बदल दिया.









