गुरुवार के दिन 16 अप्रैल को लोकसभा में तीन संशोधन विधेयक को पेश किए गए। इस दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर खुलकर चर्चा की। साथ ही इस दिन को भारत के संसदीय इतिहास का खास पल भी करार दिया। इस बिल पर चर्चा करते वक्त पीएम मोदी ने इस मौके की जरूरत और खासियत पर जोर देते हुए बताया कि ये अवसर एक तरह से देश का भविष्य तय करने और स्थायी विरासत छोड़ने जैसा कदम है।
विपक्ष को पीएम नरेंद्र मोदी का करारा जवाब
इसके अलावा जो सांसद संसद में दूसरे मुद्दों को लेकर बवाल मचा रहे थे, उन्हें भी पीएम नरेंद्र मोदी ने जवाब देते हुए कहा कि इस चर्चा के दौरान कई सांसदों ने महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं, जिनको लेकर विस्तार से जवाब दिया जाएगा। उन्होंने इस मौके पर अहम मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना ज्यादा बेहतर समझा।
कोई क्रेडिट नहीं लेना चाहते हैं पीएम नरेंद्र मोदी
इन सबके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बात को भी साफ कर दिया है कि वो महिला आरक्षण बिल को लेकर भी किसी भी तरह का श्रेय नहीं लेना चाहते हैं। अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह श्रेय नहीं चाहते हैं। महिला आरक्षण से जुड़े बिल के पास होने के बाद वो एक पूरे पेज पर विज्ञापन देंगे, जिसमें आप ( यहां सांसदों का जिक्र हो रहा है) जिसकी भी तस्वीर चाहेंगे, उसकी तस्वीर होगी। इसका क्रेडिट लेने का ब्लैंक चेक देने की खुद पीएम बात कहते हुए नजर आएं। वहीं, जो सांसद इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं। उन पर निशाना साधते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो कोई भी इस विरोध करेगा, उसे लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
अखिलेश यादव का पीएम नरेंद्र मोदी ने किया जिक्र
साथ ही समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश जी उनके दोस्त हैं जो कभी -कभी उनकी मदद कर देते हैं। इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं, लेकिन संविधान ने रास्ता दिखाया है कि सबको साथ लेकर चलूं. देश की नारी शक्ति हमारे निर्णय के साथ साथ हमारी नीयत को देखेगी।’








