गोरखपुर. जनसहयोग से जनकल्याण की भावना को आगे बढ़ाते हुए ‘सर्वजन सेवा समिति’ का वार्षिक समारोह सूरजकुण्ड धाम पर धूमधाम से आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के गरीबों और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना है. इसके साथ ही उनको पौष्टिक और नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराना है. कार्यक्रम में आरोग्य मंदिर के निदेशक डॉ. विमल कुमार मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उनके करकमलों द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. इस दौरान ‘निशुल्क भोजन वितरण वाहन’ का लोकार्पण भी किया गया. इस वाहन के माध्यम से पूरे शहर में जरूरतमंदों तक निशुल्क भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी.
मुख्य अतिथि डॉ. विमल कुमार मोदी ने कहा कि संस्था द्वारा किया जा रहा कार्य प्रेरणादायक है. समाज में ऐसे प्रयास ही वास्तविक बदलाव लाते हैं. लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन कराना केवल दान नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों की स्थापना है. उन्होंने कहा कि जब कोई संस्था निरंतर सेवा भाव से कार्य करती है, तो वह समाज के लिए एक आदर्श बन जाती है. उन्होंने कहा कि ऐसे सेवा कार्य हमें हमारे संस्कारों की याद दिलाते हैं. ‘नर सेवा, नारायण सेवा’ केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने का मार्ग है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह संस्था भविष्य में और बड़े स्तर पर कार्य करेगी. इतना ही नहीं अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर इस पवित्र अभियान को आगे बढ़ाएगी.
कार्यक्रम के आयोजक गजेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि यह आयोजन मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का उत्सव है. उन्होंने बताया कि एक छोटे प्रयास के रूप में शुरू की गई यह पहल आज जनसहयोग के बल पर सैकड़ों लोगों तक प्रतिदिन पौष्टिक भोजन पहुंचाने का माध्यम बन चुकी है. उन्होंने कहा कि भूख केवल एक शारीरिक आवश्यकता नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है. जब समाज का एक वर्ग भूखा सोता है, तो हमारी प्रगति अधूरी रह जाती है. उन्होंने सभी से इस सेवा कार्य में सहभागी बनने और अपने सहयोग से इस सामाजिक मिशन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया.

सर्वजन सेवा समिति के बैनर तले मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों सहित विभिन्न स्थानों पर प्रतिदिन लोगों को नि:शुल्क भोजन कराया जाता है. इस पहल को और विस्तार देते हुए संस्था द्वारा ‘निशुल्क भोजन वितरण वाहन’ की शुरुआत की गई है. इससे शहर में अलग-अलग जगहों पर जाकर लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने यह भी बताा कि संस्था से जुड़े लोग जन्मदिन, शादी की सालगिरह जैसे उत्सवों को गरीबों और जरूरतमंदों के बीच जाकर उन्हें भोजन कराकर मनाते हैं. देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग इस सेवा कार्य से जुड़े हुए हैं और अपनी आय का एक हिस्सा निस्वार्थ भाव से समाज सेवा के लिए समर्पित कर रहे हैं.
रिटायर्ड एडिशनल डायरेक्टर डॉ. जी.सी. द्विवेदी ने कहा कि एक समय का भोजन भी किसी के लिए अमृत होता है. जब इसे निस्वार्थ भाव, प्रेम और सम्मान के साथ परोसा जाता है, तो पेट ही नहीं भरता, बल्कि मन को भी तृप्त कर देता है. यह सेवा उस संवेदनशीलता का प्रतीक है, जो समाज को एक-दूसरे से जोड़ती है. कार्यक्रम का संचालन मनोज तिवारी और मनोज शाही ने किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे.








