Job Market Report: देश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए रोजगार बाजार से अच्छी खबर नहीं है. साल 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में जॉब पोस्टिंग यानी नौकरियों के विज्ञापनों में पिछले साल के मुकाबले 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा चिंता उन युवाओं के लिए है, जो करियर की शुरुआत करना चाहते हैं. एंट्री-लेवल और जूनियर पदों पर भर्ती से जुड़े विज्ञापनों में 11 फीसदी की कमी आई है. दूसरी तरफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी नौकरियों की मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है. Bain & Company की रिपोर्ट में ये आंकड़े सामने आए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 के बीच दुनिया के कई बड़े बाजारों में कंपनियों ने भर्ती के लिए कम विज्ञापन जारी किए. हालांकि, भारत की स्थिति कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले बेहतर रही. इसका मतलब यह नहीं है कि देश में रोजगार की चुनौती खत्म हो गई है. कुल जॉब पोस्टिंग में गिरावट के साथ शुरुआती स्तर की नौकरियों में आई बड़ी कमी बताती है कि युवाओं के लिए नौकरी पाने की चुनौती और बढ़ सकती है.
फ्रांस से अमेरिका तक नौकरियों में गिरावट
दुनिया के 10 प्रमुख बाजारों के आंकड़ों पर नजर डालें तो फ्रांस में जॉब पोस्टिंग में सबसे ज्यादा 40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. ब्राजील में यह कमी 39 फीसदी और नीदरलैंड में 33 फीसदी रही. जर्मनी में नौकरियों के विज्ञापन 27 फीसदी घटे, जबकि अमेरिका में 23 फीसदी की गिरावट आई.
दूसरी ओर, चीन में जॉब पोस्टिंग 10 फीसदी, ब्रिटेन में 9 फीसदी और जापान में 7 फीसदी कम हुई. कनाडा में यह गिरावट 4 फीसदी रही. भारत में 5 फीसदी की कमी दर्ज की गई. इन आंकड़ों से साफ है कि वैश्विक स्तर पर भर्ती की रफ्तार कमजोर हुई है, लेकिन इसका असर हर देश में एक जैसा नहीं है. भारत में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही, फिर भी शुरुआती करियर वाले उम्मीदवारों के लिए तस्वीर चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.
फ्रेशर्स के लिए क्यों बढ़ रही है मुश्किल?
नौकरी बाजार की सबसे अहम चिंता एंट्री-लेवल पदों को लेकर है. रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में जूनियर और शुरुआती स्तर की नौकरियों के विज्ञापनों में सालाना आधार पर 11 फीसदी की गिरावट आई. पहली तिमाही में यह गिरावट 6 फीसदी थी. यानी पिछली तिमाही के मुकाबले भी शुरुआती पदों पर भर्ती का दबाव बढ़ा है.
रिपोर्ट में जूनियर पदों को लेकर एक और आंकड़ा दिया गया है. दूसरी तिमाही में कुल जॉब पोस्टिंग में इन पदों की हिस्सेदारी 95 फीसदी बताई गई है. यह आंकड़ा अपने आप में व्यापक भर्ती बाजार की तस्वीर समझने के लिए पर्याप्त नहीं है, लेकिन रिपोर्ट का मुख्य संकेत साफ है कि शुरुआती स्तर की नौकरियों में भी गिरावट दर्ज की गई है.
फ्रेशर्स के लिए इसका मतलब है कि सिर्फ डिग्री या सामान्य योग्यता के भरोसे नौकरी पाना पहले से ज्यादा मुश्किल हो सकता है. कंपनियों की जरूरतों के मुताबिक तकनीकी जानकारी, व्यावहारिक अनुभव और विशेष कौशल का महत्व बढ़ सकता है. हालांकि, रिपोर्ट के आंकड़े भर्ती विज्ञापनों में बदलाव दिखाते हैं, वास्तविक नियुक्तियों की कुल संख्या नहीं.
किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा घटी नौकरियां?
कॉरपोरेट जगत के कई पारंपरिक विभागों में भी भर्ती के विज्ञापनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. रिसर्च, डिजाइन और डेवलपमेंट से जुड़ी जॉब पोस्टिंग में 37 फीसदी की कमी आई. सेल्स और मार्केटिंग, दोनों क्षेत्रों में 32 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
स्ट्रैटेजी और एनालिटिक्स से जुड़े पदों के विज्ञापन 27 फीसदी घटे, जबकि IT सेक्टर में 25 फीसदी और फाइनेंस में 24 फीसदी की कमी आई. जनरल एडमिनिस्ट्रेशन के पदों पर भी 13 फीसदी कम विज्ञापन जारी हुए.
इसके मुकाबले इंजीनियरिंग से जुड़ी नौकरियों में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही. इस क्षेत्र में जॉब पोस्टिंग 7 फीसदी घटी. ये आंकड़े बताते हैं कि भर्ती में सुस्ती का असर अलग-अलग पेशों पर अलग तरीके से पड़ रहा है. किसी एक क्षेत्र में कम गिरावट का मतलब यह नहीं है कि वहां हर तरह की नौकरी आसानी से उपलब्ध है.
AI की नौकरियों में 60% उछाल
जहां एक तरफ पारंपरिक नौकरियों के विज्ञापनों में गिरावट दर्ज की गई, वहीं AI से जुड़ी नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ी है. Bain & Company की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में दूसरी तिमाही के दौरान AI से संबंधित जॉब पोस्टिंग की संख्या करीब 3.51 लाख रही. यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 60 फीसदी ज्यादा है. पहली तिमाही की तुलना में भी इनमें 12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
हालांकि, AI से जुड़ी नौकरियों में इतनी तेज वृद्धि के बावजूद कुल भर्ती बाजार में इनकी हिस्सेदारी अभी सीमित है. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि AI की नौकरियां पारंपरिक रोजगार में आई गिरावट की पूरी भरपाई कर रही हैं.
युवाओं के लिए संकेत यह है कि तकनीक और विशेष कौशल से जुड़े क्षेत्रों में अवसर बढ़ रहे हैं, लेकिन इन पदों के लिए जरूरी योग्यता और अनुभव की मांग भी अहम होगी. AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच रोजगार बाजार में कौशल की जरूरतें बदल रही हैं.
इन सेक्टरों में बढ़े नौकरी के मौके
रिपोर्ट में कुछ ऐसे क्षेत्रों का भी जिक्र है, जहां भर्ती के विज्ञापनों में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई. वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी क्षेत्र में जॉब पोस्टिंग सालाना आधार पर 47 फीसदी बढ़ी. कैपिटल मार्केट्स में 26 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.
कंप्यूटर और नेटवर्क सिक्योरिटी से जुड़े पदों के विज्ञापन 19 फीसदी बढ़े, जबकि डिफेंस और स्पेस सेक्टर में 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इससे पता चलता है कि कमजोर भर्ती बाजार के बीच भी कुछ विशेष उद्योगों में कंपनियों की मांग बनी हुई है और नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
कुल मिलाकर, 2026 की दूसरी तिमाही के आंकड़े रोजगार बाजार की मिली-जुली तस्वीर पेश करते हैं. भारत में जॉब पोस्टिंग की गिरावट कई प्रमुख देशों के मुकाबले कम रही, लेकिन फ्रेशर्स और जूनियर पदों पर अवसरों में कमी चिंता बढ़ाने वाली है. वहीं, AI, साइबर सिक्योरिटी और कुछ वित्तीय क्षेत्रों में बढ़ती मांग यह संकेत देती है कि आने वाले समय में नौकरी पाने के लिए सही कौशल और बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयारी की भूमिका अहम हो सकती है.









