September 27, 2026 4:38 am

14 राज्यों में मौसम का कहर, UP में बारिश-आंधी से 13 लोगों की मौत, इन जिलों में हाई अलर्ट

Weather Update
 श्याम सौरभ, लखनऊ

Weather Update: उत्तर प्रदेश में मौसम ने इस वक्त ऐसा रुख अख्तियार कर लिया है कि शहर से गांव तक जिंदगी की रफ्तार थमने लगी है. करीब दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है और कई इलाकों में तेज हवाओं ने मुश्किल और बढ़ा दी है. बारिश, आंधी और वज्रपात से जुड़े अलग-अलग हादसों में 13 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. कई जिलों में जलभराव के बाद अब अचानक बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है.

मौसम का असर सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है. बंगाल की खाड़ी से उठी मौसमी हलचल अब दक्षिण छत्तीसगढ़ की तरफ से उत्तर-पूर्व की दिशा में बढ़ रही है. इसका असर मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है. राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों को मौसम को लेकर अलर्ट मोड पर रखा गया है.

लखनऊ में बारिश ने खोली जलनिकासी की पोल

लखनऊ में लगातार बारिश के बाद कई इलाकों की तस्वीर बदल गई है. कहीं सड़कें पानी में डूबी नजर आईं तो कहीं पानी घरों की चौखट पार कर अंदर तक पहुंच गया. कुछ इलाकों में कई फीट पानी जमा होने से लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई. तेज हवाओं के दौरान जगह-जगह पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं.

लगातार बरसते पानी के बीच सबसे बड़ी चुनौती उन इलाकों में है जहां पहले से जलभराव की समस्या रहती है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है.

एक्सप्रेसवे पर पलटी कार, पांच लोग फंसे

कन्नौज में मौसम की मार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी देखने को मिली. तेज हवा और बारिश के बीच एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे के बाद कार में सवार पांच लोग फंस गए. सूचना मिलने पर राहत और बचाव से जुड़ी टीमें सक्रिय हुईं. यह घटना बताती है कि खराब मौसम में खुले और तेज रफ्तार वाले रास्तों पर खतरा कितना बढ़ जाता है. प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम खराब होने पर गैरजरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है.

32 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा

लगातार बारिश के बाद यूपी के करीब 32 जिलों में अचानक बाढ़ की आशंका को लेकर तैयारी बढ़ा दी गई है. आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया और गोरखपुर समेत कई जिलों को संवेदनशील क्षेत्रों में रखा गया है.

सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच और हरदोई जैसे जिलों में भी प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड इलाकों में भी फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है. इन इलाकों में राहत और बचाव से जुड़ी एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर तुरंत मैदान में उतरने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

योगी ने अफसरों को फील्ड में उतरने को कहा

मौसम की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. रेड अलर्ट और अचानक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से जरूरी कदम उठाने को कहा गया है.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि बारिश, आकाशीय बिजली या बाढ़ से होने वाले नुकसान का आकलन तुरंत किया जाए. प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाने पर जोर दिया गया है. संवेदनशील इलाकों में प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.

जर्जर मकानों में रहने वालों पर खास नजर

भारी बारिश के बीच सबसे ज्यादा खतरा कमजोर और पुराने मकानों में रहने वाले परिवारों पर है. मुख्यमंत्री ने ऐसे मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है.

जरूरत पड़ने पर इन परिवारों को नजदीकी राहत केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा. मकसद साफ है कि बारिश या अचानक बाढ़ की स्थिति में कोई परिवार असुरक्षित जगह पर फंसा न रह जाए.

रेड अलर्ट वाले जिलों में हाई अलर्ट

लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष निगरानी रखी जा रही है. इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, कौशौंबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट के चलते प्रशासन को सक्रिय रहने के निर्देश हैं.

27 सितंबर तक मौसम से राहत के आसार कम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिन मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है. पूर्वी यूपी में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. 27 सितंबर को भी कई इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है. ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती सिर्फ मौजूदा जलभराव से निपटने की नहीं, बल्कि आने वाले बारिश के दौर के लिए तैयार रहने की भी है.

आंधी और बिजली के दौरान ये गलती न करें

प्रशासन ने लोगों से साफ कहा है कि तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें. पेड़, पार्क, बाग और खुले मैदान इस दौरान सुरक्षित जगह नहीं हैं. नदियों, तालाबों और दूसरे जलाशयों के आसपास भी जाने से बचने की सलाह दी गई है.

पुराने और जर्जर मकानों में रहने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें. अगर इलाके में पानी तेजी से बढ़ रहा है या प्रशासन की ओर से सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है, तो उसे नजरअंदाज न करें.

फिलहाल यूपी में मौसम की तस्वीर साफ है. बारिश का दौर अभी थमा नहीं है और कई इलाकों में पानी लगातार बढ़ रहा है. प्रशासन अलर्ट पर है, राहत टीमें तैयार हैं और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है. अगले 24 से 48 घंटे कई जिलों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं.

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