भारत और अमेरिका के बीच का रिश्ता अब धीरे-धीरे करके सुधरने की कगार पर आना शुरू हो गया है। 20 अप्रैल को जो चर्चा होने वाली है, उसके चलते अमेरिका के साथ रिश्ते में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर बातचीत हो सकती है। ऐसा इसीलिए क्योंकि अमेरिका कोर्ट की तरफ से टैरिफ को गैर कानूनी बताते हुए रद्द कर दिया गया था। एक दर्जन भारतीय अधिकारियों को एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिनों तक अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत करने जा रहा है। ये पूरी बातचीत दर्पण जैन के लीडरशिप में होने जा रही है।
फरवरी के महीने में दोनों देशों के बीच बातचीत स्थगित हो गई थी। इसके बाद ये पहली ऑफिशियल मीटिंग होने जा रही है। दोनों देश के बीच ये बातचीत अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए फैसले के बाद होने जा रही है।भारत को मिल रहा बाकी देशों की तुलना में टैरिफ छूट अब कम हो चुका है। ऐसा में इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि इस बातचीत के वक्त टैरिफ के लेवल में और कमी हो सकती है। दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति की नीतियों के तहत अमेरिका ने पहले भारत पर भारी टैरिफ लगा दिए थे, जिससे कई भारतीय उद्योगों को नुकसान हुआ। खासकर जेम्स और ज्वेलरी जैसे सेक्टर पर इसका बड़ा असर देखने को मिला।
अमेरिका-भारत की बातचीत इसीलिए है खास
अब नई बातचीत में उम्मीद की जा रही है कि टैरिफ को लेकर और राहत मिल सकती है, साथ ही टेक्नोलॉजी, एनर्जी और एग्रीकल्चर सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर भी फोकस रहेगा। दरअसल ये बातचीत इसीलिए भी खास मानी जा रही है। क्योंकि विश्व स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच जबरदस्त वॉर देखने को मिल रही है। साथ ही आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है। ऐसे में भारत और अमेरिका अपनी आर्थिक स्थिति और रिश्ते को मजबूत करना चाहते हैं।








