अमेरिका और ईरान (America-Iran War) के बीच का विवाद अब बढ़ाता ही चला जा रहा है। अमेरिका ने ईरान को सबक सिखाने के लिए उसके यहां मौजूद बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने का कदम उठाया। ये फैसला इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच पीक टॉक के फेल होने के बाद लिया गया। इस पूरे मामले को लेकर अब ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार ने होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में अमेरिकी जहाजों को डुबाने की धमकी दे डाली है। ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने होर्मुज में अमेरिकी जहाजों की निगरानी करने का फैसला किया तो ईरान उन जहाजों को डुबा देगा।
दरअसल सरकारी टीवी से बातचीत के दौरान ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के पूर्व कमांडर-इन-चीफ मोहसिन रेजाई सरकारी टीवी से बातचीत के दौरान कहा, ‘मिस्टर ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट के ‘पुलिस अधिकारी’ बनना चाहते हैं, लेकिन क्या वास्तव में ये उनका काम है? क्या यह अमेरिका जैसी शक्तिशाली सेना का काम है?’ उन्होंने आगे कहा, ‘आपके (यूएस) ये जहाज हमारी पहली मिसाइलों से डुबा दिए जाएंगे. इन्होंने अमेरिकी सेना के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है. ये निश्चित रूप से हमारी मिसाइलों की चपेट में आ सकते हैं और हम इन्हें नष्ट कर सकते हैं।’
क्या युद्धविराम के नहीं है कोई अमेरिका-ईरान के बीच आसार?
इतना ही नहीं अमेरिका-ईरान के बीच हुए सीजफायर के समझौते को बढ़ाने के बारे में बात करते हुए मोहसिन रेजाई ने कहा,’ ‘मैं युद्धविराम बढ़ाने के बिल्कुल भी पक्ष में नहीं हूं और यह मेरा निजी विचार है।’ ऐसा बयान उस वक्त आया है, जब दोबारा से अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि सुबह मैंने कुछ गलत रिपोर्टिंग देखी, जिसमें कहा गया था कि हमने औपचारिक रूप से सीजफायर बढ़ाने का अनुरोध किया है। यह बात सच नहीं है। ईरान से जुड़े समुद्री प्रतिबंध ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर लागू होगा। खासकर अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी में।








