BRICS Summit 2026: दुनिया के बड़े नेताओं की बैठक, कूटनीति की गंभीर चर्चाएं और वैश्विक मुद्दों पर मंथन… लेकिन ब्रिक्स समिट के दौरान एक और चीज ने ध्यान खींचा—मेहमानों के लिए तैयार किया गया शाही शाकाहारी डिनर मेनू. खास बात सिर्फ यह नहीं थी कि मेनू पूरी तरह वेजिटेरियन था, बल्कि यह भी कि इसमें भारत के अलग-अलग हिस्सों के स्वाद को बेहद खास और आधुनिक अंदाज़ में पेश किया गया.
यानी डिनर टेबल पर नॉन-वेज की जगह भारतीय शाकाहारी व्यंजनों ने ली और शुरुआत से लेकर मिठाई तक हर डिश में स्वाद, प्रस्तुति और परंपरा का मेल नजर आया… तो आइए, जानते हैं उस खास मेनू में क्या-क्या था और हर डिश की अपनी खासियत क्या थी.
शुरुआत: खांडवी और मशरूम की गलौटी
डिनर की शुरुआत हुई खांडवी मिल्ले-फ्यूइल से. नाम भले ही फ्रेंच अंदाज़ का हो, लेकिन इसकी आत्मा पूरी तरह भारतीय है. स्टीम की हुई बेसन की नरम रोल को सरसों, नारियल और करी पत्तों का तड़का दिया गया. इसके साथ केसर आम, माइक्रो-ग्रीन्स और दही की ड्रेसिंग ने इसे एक खास आधुनिक रूप दिया.
यानी गुजरात की पारंपरिक खांडवी, लेकिन पेशकश ऐसी कि किसी इंटरनेशनल डिनर की प्लेट में भी अपनी अलग पहचान बना ले. इसके बाद मेहमानों के सामने आया खुम्भ गलौटी. यहां ‘खुम्भ’ यानी मशरूम और ‘गलौटी’ यानी मुंह में घुल जाने वाली नरमी. पैन-ग्रिल्ड मशरूम कबाब को पुदीने के मोतियों के साथ शीरमल ब्रेड की परत पर परोसा गया. मशरूम की मुलायम बनावट, पुदीने की ताजगी और शीरमल की मिठास—तीनों का मेल इसे खास बनाता है.
मेन कोर्स: पनीर से गुच्ची तक, स्वाद का सफर
मुख्य भोजन में सबसे पहले नाम आता है पनीर लबाबदार का. नरम पनीर के टुकड़ों को शैलॉट और टमाटर की समृद्ध ग्रेवी में पकाया गया. यह डिश भारतीय शाही ग्रेवी की पहचान मानी जाने वाली गहराई और मलाईदार स्वाद को सामने लाती है.
मेन कोर्स की सबसे खास डिशों में शामिल रही गुच्ची मरमिक. हिमालयी मोरेल मशरूम यानी गुच्ची, जिसे दुनिया के महंगे और खास मशरूमों में गिना जाता है. इसे नरम एस्पेरेगस, केसर, किशमिश और मामरा बादाम के साथ धीरे-धीरे पकाया गया. गुच्ची की मिट्टी जैसी प्राकृतिक खुशबू, केसर की सुगंध और बादाम की समृद्धि इसे एक रॉयल ट्रीट बनाती है.
इसके अलावा मेनू में था कैरेट बीन पोरियल. गाजर और हरी फलियों का मिश्रण, दक्षिण भारतीय मसालों के साथ कुंवारी नारियल तेल में भूनकर तैयार किया गया. ऊपर से ताजा कद्दूकस किए नारियल की सजावट. यह डिश दक्षिण भारत के घरेलू स्वाद को एक खास डिनर की प्लेट तक ले आती है.
फिर बारी आती है थक्काली बेले सारू की. तूर दाल का हल्का लेंटिल ब्रॉथ, जिसमें ताजे टमाटर और करी पत्तों का स्वाद समाया हुआ है. यह डिश मेन कोर्स में हल्कापन, गर्माहट और दक्षिण भारतीय स्वाद की पहचान जोड़ती है.
सेहत और स्वाद का मेल: मिलेट पुलाव
मेनू में मिलेट पुलाव भी शामिल था. सुगंधित बासमती चावल और पर्ल मिलेट को मसालों और मौसमी सुगंधित पदार्थों के साथ पकाया गया. यानी पारंपरिक पुलाव का स्वाद, लेकिन मिलेट के साथ एक हेल्दी ट्विस्ट.
साथ में परोसा गया बीटरूट रायता—ठंडा दही, चुकंदर और ताजी जड़ी-बूटियों के साथ. चुकंदर का रंग इसे आकर्षक बनाता है, जबकि दही और जड़ी-बूटियां खाने के बीच ताजगी का एहसास देती हैं. और हां, भारतीय भोजन की पहचान मानी जाने वाली असॉर्टेड इंडियन ब्रेड्स भी मेनू का हिस्सा थीं.
मिठाई: पुरानी दिल्ली की जलेबी से शाही फिरनी तक
डिनर का अंत भी कम दिलचस्प नहीं था. ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी में मौसमी फलों और हल्की व्हिप्ड क्रीम को कुरकुरी मीठी जलेबी के साथ परोसा गया. यह डिश पुरानी दिल्ली की मिठास और आधुनिक डेज़र्ट प्रस्तुति का खूबसूरत मेल है.
इसके बाद आई शहतूत फिरनी. दूध और चावल से धीमी आंच पर पकाई गई फिरनी, ऊपर से मीठे शहतूत और सोने की पत्ती की सजावट. यानी भारतीय पारंपरिक मिठाई को शाही अंदाज़ में पेश करने की कोशिश.
ब्रिक्स समिट का यह डिनर सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि भारत की शाकाहारी पाक परंपरा, क्षेत्रीय विविधता और आधुनिक प्रस्तुति का एक खास उदाहरण बनकर सामने आया.
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि दुनिया के मेहमानों के लिए तैयार इस शाही मेनू में नॉन-वेज नहीं, बल्कि पूरी तरह शाकाहारी व्यंजनों को जगह दी गई. लेकिन मेनू को देखकर साफ है कि शाकाहारी भोजन का मतलब स्वाद या भव्यता में कमी नहीं.
खांडवी से लेकर गुच्ची तक, दक्षिण भारतीय सारू से लेकर मिलेट पुलाव तक और जलेबी से लेकर शहतूत फिरनी तक—इस पूरी दावत में भारत के अलग-अलग स्वाद एक ही टेबल पर नजर आए.








