पुनीत सिंह, नई दिल्ली
Abhishek Sharma Century: दिल्ली की उस शाम में ऐसा क्या हुआ कि 30 गेंदों में कहानी बदल गई? अरुण जेटली स्टेडियम में गुरुवार की शाम मुकाबला शुरू होने से पहले एक सवाल था. अफगानिस्तान की टीम भारत के बल्लेबाजी क्रम को रोकने के लिए क्या करेगी? टॉस जीतकर इब्राहिम जादरान ने पहले गेंदबाजी चुनी थी. शायद उम्मीद यही रही होगी कि शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जाएगा. लेकिन क्रीज पर अभिषेक शर्मा ने आते ही इस पूरी रणनीति को जैसे दूसरी दिशा में धकेल दिया.
शुरुआत में यह एक और तेजतर्रार भारतीय पारी लग रही थी. फिर छक्के आने लगे. फिर चौके. और देखते ही देखते स्कोरबोर्ड पर आंकड़े इतनी तेजी से बदलने लगे कि गेंदबाजों के लिए अगला प्लान बनाना भी मुश्किल हो गया. अभिषेक ने सिर्फ 30 गेंदों में अपना शतक पूरा कर दिया. यह किसी भारतीय बल्लेबाज का T20I में सबसे तेज शतक था. इस एक पारी ने रोहित शर्मा के 35 गेंदों में शतक वाले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.
दिल्ली में बैठे दर्शकों के लिए असली रोमांच सिर्फ शतक का नहीं था, बल्कि उस रफ्तार का था जिस पर यह पारी आगे बढ़ रही थी. अभिषेक के शतक तक भारत का स्कोर 8.3 ओवर में 132 रन पहुंच चुका था और उनके बल्ले से 10 छक्के और 9 चौके निकल चुके थे. यानी गेंद सीमा रेखा के पार जा रही थी और अफगानिस्तान के गेंदबाज लगातार दबाव में पीछे खिसक रहे थे.
इस पारी में एक दिलचस्प कड़ी पहले ही लिखी जा चुकी थी. दिल्ली में सीरीज के पहले T20I के बाद वरुण चक्रवर्ती ने कहा था, “Against our batting line-up, you can’t bowl spin.” गुरुवार को अफगानिस्तान के सामने चुनौती सिर्फ स्पिन की नहीं थी. पेस हो या स्पिन, अभिषेक ने गेंदबाजों को किसी एक विकल्प के भरोसे रहने का मौका नहीं दिया.
और फिर आया वह पल जिसने इस पारी को सिर्फ रिकॉर्ड की कहानी नहीं रहने दिया. शतक पूरा होते ही अभिषेक पिच पर बैठ गए और मेडिटेशन पोज में जश्न मनाया. यह सेलिब्रेशन फुटबॉल स्टार एर्लिंग हालैंड के अंदाज की याद दिला रहा था. कुछ सेकेंड के लिए मैदान पर एक अलग ही तस्वीर थी. अभी कुछ पल पहले तक बल्ले से तूफान मचा रहा बल्लेबाज अचानक बिल्कुल शांत मुद्रा में बैठा था.
अभिषेक के लिए कहानी यहां खत्म नहीं हुई. 30 गेंदों में शतक के बाद ऐसा लग रहा था कि शायद अब पारी और भी बड़ी होने वाली है. 34 गेंदें खेलकर 108 रन तक पहुंच चुके अभिषेक के सामने बड़े स्कोर की पूरी गुंजाइश थी. लेकिन 10वें ओवर में राशिद खान ने उनकी पारी रोक दी. अभिषेक 108 रन बनाकर लौटे, लेकिन तब तक वह कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके थे.
30 गेंदों का यह शतक किसी भारतीय के लिए T20I इतिहास का सबसे तेज शतक है. इतना ही नहीं, टेस्ट खेलने वाले देश के किसी बल्लेबाज के खिलाफ भी यह सबसे तेज शतक बन गया. अभिषेक T20I इतिहास में ऐसे बल्लेबाज भी बन गए हैं जिन्होंने दो बार 30 से कम गेंदों में शतक बनाया है. इस फॉर्मेट में उनसे तेज शतक सिर्फ साहिल चौहान और मुहम्मद फहद ने बनाए हैं, जिन्होंने क्रमशः 27 और 29 गेंदों में शतक जड़ा था.
लेकिन इस रिकॉर्ड की कहानी का एक और हिस्सा है, जो शायद स्कोरकार्ड से ज्यादा दिलचस्प है. कुछ समय पहले तक अभिषेक खुद रनों के लिए संघर्ष कर रहे थे. अफगानिस्तान सीरीज से पहले वह सात पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए थे और इस दौरान चार बार उनका स्कोर सिंगल डिजिट में रहा. दूसरी तरफ ओपनिंग की रेस में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन जैसे नाम भी मौजूद थे.
ऐसे माहौल में दिल्ली की यह पारी सिर्फ 30 गेंदों का मामला नहीं थी. यह उस खिलाड़ी की वापसी की कहानी भी थी, जिसे अपनी जगह को लेकर मुकाबले के बीच खुद को साबित करना था. अभिषेक ने जवाब किसी बयान से नहीं, सीधे बल्ले से दिया. 30 गेंदें लगीं, रोहित शर्मा का रिकॉर्ड टूटा और फिर 34 गेंदों पर 108 रन के साथ एक ऐसी पारी खत्म हुई जिसने पूरे मुकाबले की तस्वीर ही बदल दी.
दिल्ली की इस शाम का सबसे बड़ा सवाल अब यह नहीं रह गया कि अभिषेक कितनी तेजी से शतक बना सकते हैं. सवाल यह है कि जब उन्हें मौका मिलता है, तो वह अपनी पारी की सीमा आखिर कहां तक ले जा सकते हैं.








