अटल जी जैसा प्रतिभा संपन्न हैं ये कवि नेता! बन सकते हैं राजनीतिक उत्तराधिकारी?

रत्नेश कुमार मिश्र Edited by: [सौरभ शर्मा] नई दिल्ली
August 16, 2018 6:46 pm

देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है. दिल्ली के एम्स में गुरुवार को 93 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली है. यूरिन इन्फेक्शन की शिकायत के बाद अटल बिहारी वाजपेयी को 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था.

 

अटल बिहारी वाजपेयी एक प्रखर राजनेता, ओजस्वी वक्ता, दिलदार कवि और मजबूत पत्रकार थे. उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे सिद्दत से निभाया. एक पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया, लेकिन देश के तीन बार प्रधानमंत्री रहे. उनकी कविताएं आज भी अमर हैं.

 

भारतीय राजनीति में अजातशत्रु के नाम से मशहूर अटल बिहारी वाजपेयी की छवि अनोखी रही है. इस वक्त सियासत में उनकी कदकाठी का कोई नेता नहीं है, लेकिन एक नाम ऐसा है, जिसकी प्रतिभा अटल जी से मिलती है. दोनों का कवि हृदय बेबाकी से देशहित में ही सोचता है.

 

दोनों की सोच देश के लिए पार्ट लाइन की कभी ध्यान नहीं रखती. यही वजह है कि समय समय पर पार्टी लाइन से अलग होकर इन्होंने अपनी राय रखी है. जी हां, हम बात कर रहे हैं कवि कुमार विश्वास की, जो इनदिनों आम आदमी पार्टी में रहते हुए भी, पार्टी से दूर है.

 

कुमार विश्वास में वो प्रतिभा है, जो अटल जी में थी. दोनों का व्यक्तित्व एक जैसा है. अटली जी कवि थे, तो कुमार भी युवा कवि के रूप में जाने जाते हैं. अटल जी अच्छे वक्ता था, तो कुमार भी अपनी वाणी के लिए जाने जाते हैं. उनकी वाक पटुता का हर कोई कायल है.

 

राजनीति में कुमार बहुत ज्यादा सफल तो नहीं हो पाए, लेकिन उनकी प्रतिभा एक न एक दिन उनको सियासत में जरूर चमकाएगी. उन्हें जरूरत है, तो बस एक सही प्लेफॉर्म की. अटल जी की बराबरी कुमार विश्वास तो कभी नहीं कर सकते, लेकिन उनकी कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकते हैं.

 

बातते चलें कि यूरिन इन्फेक्शन की शिकायत के बाद अटल बिहारी वाजपेयी को 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया. उनकी हालत की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत कई दिग्दज एम्स पहुंचे थे.

 

अटल जी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में हुआ था. उन्होंने साल 1999 से लेकर 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री का कार्यकाल संभाला था. अटल बिहारी वाजपेयी के पास अपनी अनोखी भाषण कला थी. उनकी मनमोहक मुस्कान का हर कोई दीवाना था.

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